Monday, January 7, 2019

उड़ान

वो कहती है
मुझे उड़ने का हुनर क्यों सिखाया?
वैसे तो
उड़ना ही धर्म है मेरा

पिंजरे का तोता तो
नहीं होना था मुझे
तुमने मुझे आजाद किया
उसके लिए शुक्रिया
अब जब आजाद हूँ तो
फिर सारा आकाश ही छान के
वापिस आऊंगी

मत करना इंतजार मेरा
और न वफ़ा की उम्मीद करना
जानती हूँ
ऊंची उड़ाने मुझे घायल कर देगी
फिर भी उडूंगी
घायल होकर भी वापिस आ सकी
तो मुझे माफ़ कर देना

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