तुम न आते तो
हमारे अंदर एक सभ्यता मर चुकी होती!
तुम्हारे होने भर से ही है मिलता
मकसद जीने का!
तुम्हारे होने भर से ही
जगती है एक उम्मीद!
तुम्हारे होने भर से ही है
सपनों को देखा जाना!
तुम्हारे होने भर से ही है
ये दुनिया खूबसूरत!
हमारे अंदर एक सभ्यता मर चुकी होती!
तुम्हारे होने भर से ही है मिलता
मकसद जीने का!
तुम्हारे होने भर से ही
जगती है एक उम्मीद!
तुम्हारे होने भर से ही है
सपनों को देखा जाना!
तुम्हारे होने भर से ही है
ये दुनिया खूबसूरत!
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