मनकस्तूरी
(आकांक्षा और विखराव का द्वंद्व)
Thursday, July 25, 2019
मैं गुमशुम हूँ
ग़मज़दा नहीं
शब्दों के इस ताकतवर दुनिया में
मेरे मासूम से शब्द कहीं गुम हो गए हैं
मैं उन्हीं की तलाश में हूँ
जो बचपन से गुमशुदा हैं
मिल जाते तो शायद
दिन की तरह
रात भी अपना होता
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