Sunday, April 19, 2020

एक तालाब की मछली
नदी के पास आने का
सपना देखा करती थी
कई बरसात निकले
पर नदी पास नहीं आई
एक दिन तालाब सूख गई
मछली भी अपने अधूरे सपनों
सहित जमींदोज हो गई
कहते हैं हर बरसात में
वो मछली उसी तालाब में
फिर से जिंदा हो जाती है
इस उम्मीद में कि
नदी आएगी
बाढ़ लाएगी
और वह नदी में विलीन हो जाएगी 

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