Tuesday, March 10, 2020

तुम मेरी धरती हो

चाहता तो हूँ, तुम्हें
लेकिन इसलिए नहीं की
तुम मेरी हो जाओ

मैं तुम्हें पाना नहीं
तुम्हारे लिए जीना चाहता हूँ
जैसे चाँद जीता है
धरती के लिए
हमारा जन्म सिर्फ मरने के लिए नहीं हुआ है। हम दुनिया को कुछ देने के लिए आये हैं। हम कुछ देकर ही जाएंगे। हम दुनिया के खूबसूरती में कुछ जोड़ने आये हैं। लाख परिस्थितियां प्रतिकूल हो, हम उसे अनुकूल बनाएंगे। हम किसी भी हालात में अराजक नहीं होंगे। जिनमें संभावना है उनके ही जीवन में दुख है। फूलों की जिंदगी छोटी होती है लेकिन वे हमेशा फूलों को ही जन्म देते हैं। हम भी कोमलता को ही पैदा करेंगे और एक दिन चुपचाप चले जाएंगे। 
बहुत सी ऊंचाईयां या तो हम प्रेम में होते हुए प्राप्त करते हैं या बहुत सी ऊंचाईयां प्रेम से वंचित होने के कारण प्राप्त करते हैं। पर हर हालात में प्रेम ही सर्वोपरी है। प्रेम का इस दुनिया में कोई विकल्प नहीं होता। जितना मृत्यु सत्य है, उतना ही प्रेम भी सत्य है। 
फासले इतना ज्यादा है कि
अब उन्हें फोन में ढूंढते हैं।